धनबाद। भारतीय रेलवे ने समूह और पारिवारिक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। अब ट्रेन में एक ही पीएनआर पर बुक किए गए समूह टिकट के तहत यात्रा करने पर कम से कम किसी एक यात्री के पास वैध पहचान पत्र (ID Proof) होना अनिवार्य होगा। टिकट जांच के दौरान यदि समूह का कोई भी सदस्य पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया, तो पूरे समूह को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा।
एक पीएनआर पर बुक छह टिकट, किसी एक को दिखानी होगी ID
रेलवे के नए निर्देशों के मुताबिक, यदि एक पीएनआर पर छह यात्रियों का टिकट बुक है, तो उन छह में से किसी भी एक यात्री के पास वैध पहचान पत्र होना जरूरी है। टीटीई द्वारा जांच के दौरान यह पहचान पत्र मांगा जा सकता है। पहचान पत्र नहीं दिखाने की स्थिति में पूरे समूह के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिससे यात्रा के दौरान परेशानी बढ़ सकती है।
रियायत और विशेष कोटे पर यात्रा करने वालों पर भी सख्ती
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जो यात्री किसी तरह की रियायत (Concession) या विशेष कोटे के तहत टिकट बुक कराते हैं, उन्हें भी यात्रा के दौरान अपनी पात्रता से जुड़े वैध दस्तावेज साथ रखने होंगे। जांच के समय रियायत या विशेष सुविधा का दावा करने पर संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
आरक्षित कोच में पहले से लागू नियम, अब सख्ती से पालन
रेलवे के आरक्षित कोचों में पहचान पत्र के साथ यात्रा करने का नियम पहले से ही लागू है। हालांकि, अब इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए पहचान पत्र अवश्य साथ रखें।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को जारी किया आदेश
रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन-द्वितीय संजय मनोचा ने इस संबंध में सभी रेलवे जोनों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि टिकट जांच के दौरान पहचान पत्र नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
